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| चंद्रयान 3 |
चंद्रयान-3 की 23 अगस्त शाम 6:04 बजे पर लैंडिंग होनी थी और यह भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि की बात थी। और शायद भारत आज यह कारनामा करने वाला दुनिया का पहला देश बन जाता। और पूरी दुनिया और भारत 23 अगस्त का इंतजार कर रही थी लेकिन चंद्रयान 3 के सामने यह बड़ा खतरा आने से उसकी लैंडिंग को स्थगित कर दिया गया है। इसरो के वैज्ञानिक चंद्रयान-3 को चांद पर सुरक्षित लैंड करना चाहते थे। और वो इसको लेकर किसी तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहते,
वैज्ञानिकों ने कहा है कि हम चंद्रयान 3 को लेकर किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं लेना चाहते हैं ,और अब चंद्रयान-3 के सुरक्षित लैंडिंग के लिए सभी अनिवार्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लैंडिंग 27 तारीख तक स्थगित कर दी गई है।
चंद्रयान-3 से भारत को क्या फायदा होने वाला है ?
भारत द्वारा चांद पर भेजा गया ये तीसरा मिशन है, लेकिन भारत आज तक चांद पर सुरक्षित लैंडिंग नहीं कर पाया है। अभी तक चीन , अमेरिका और रूस को इसमें सफलता मिली है। लेकिन अगर भारत चंद्रयान-3 की सुरक्षित लैंडिंग कर देता है तो वह ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। और चांद के दक्षिणी ध्रुव पर अपना मिशन भेजने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन जाएगा।
चंद्रयान-3 किस तरह काम करेगा ?
चंद्रयान-3 में लैंडिंग के चार ऑप्शन होंगे। (1) रो ब्रेकिंग फेज (2) एल्टीट्यूड होल्ड फेज (3) फाइन ब्रेकिंग फेस (4) टर्मिनल डीसेंट फेस
इन चारों फेज में चंद्रयान-3 अलग-अलग तरीके से काम करेगा जिससे उसे लैंडिंग में आसानी होगी, जैसे -
1. रो ब्रेकिंग पेज
यह फेज 690 सेकंड तक चलेगा। और इस समय विक्रम के सभी सेंसर कैलिब्रेट होंगे।
इस दौरान लैंडिंग साइड से 750 किलोमीटर दूर होगा। और स्पीड 1.6 किमी प्रति सेकंड होगी।
2. एल्टीट्यूड होल्ड फेज
चंद्रयान-2 के समय यह फेज 38 सेकंड का था और अब यह 10 सेकंड का कर दिया गया है।
विक्रम चांद की स्तह की फोटो खींचेगा और पहले की फोटो के साथ कंपेयर करके पृथ्वी पर भेजेगा।
3. फाइन ब्रेकिंग फेज
लैंडर की पोजीशन पूरी तरह वर्टिकल हो जाएगी।
चंद्रयान-3 की स्तह से ऊंचाई 800 मीटर से 1300 मीटर तक होगी।
और फिर विक्रम लैंडर के सेंसर द्वारा इसकी हाइट नापी जाएगी।
यह फेज 175 सेकंड चलेगा और स्पीड जीरो पर आ जाएगी।
4. टर्मिनल डीसेंट फेज
इसमें लैंडर अगले 131 सेकंड में स्तर से 150 मीटर ऊपर आ जाएगा।
विक्रम पर लगा हैजर्ड डिटेक्शन कैमरा गो नो गो टेस्ट रन करेगा।
और लैंडर फिर से एक बार और स्तह की फोटो खींचेगा और कंपेयर करेगा।
और सब कुछ सही रहता है तो फिर चांद पर सुरक्षित लैंडिंग करेगा।
चंद्रयान 3 की स्थिति क्या है और वह अभी कहां हैं ?
चंद्रयान 3 का लैंडर मॉड्यूल चांद की सतह से महज 25 से 150 किलोमीटर की दूरी पर चक्कर लगा रहा है, ISRO के मुताबिक, चंद्रयान-3 का दूसरा और अंतिम डीबूस्टिंग मनूवर सफलतापूर्वक हो चुका है और अब 23 अगस्त का इंतजार है, जब चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ ही भारत इतिहास रच देगा और ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
क्या चंद्रयान-3 चांद की तस्वीर ले रहा है ?
चंद्रयान 3 इतिहास रचने और चांद पर इंडिया का झंडा फहराने से बस कुछ ही कदम दूर है। जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है वैसे वैसे chandrayaan-3 चांद के नजदीक पहुंचता जा रहा है। साथ ही उसकी नई तस्वीर भी भेज रहा है। इसरो ने विक्रम लैंडर द्वारा दी गई कुछ नई तस्वीरों को जारी किया है।
हम सब चंद्रयान-3 की लैंडिंग को लाइव कब और कैसे देख सकेंगे ?
इसरो ने जानकारी देते हुए कहा है, कि चंद्रयान-3 , 23 अगस्त को 6 बजकर 4 मिनट पर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग करेगा। और साथ ही इसरो ने यह भी कहा है कि हम सभी चंद्रयान-3 की लाइव लैंडिंग भी देख सकेंगे। चंद्रयान-3 की लाइव लैंडिंग इसरो की आधिकारिक वेबसाइट, आधिकारिक यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर देख सकेंगे।

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